हम मीलाद वाले हैं / Ham Milad Wale Hain

मेरे आक़ा की आमद मुबारक हो
मेरे मौला की आमद मुबारक हो

सरकार की आमद मरहबा
दिलदार की आमद मरहबा
आक़ा की आमद मरहबा
दाता की आमद मरहबा

मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह
मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह

तेरी आमद से ऐ आक़ा ! सभी अर्ज़-ओ-समा महका
ज़मीं महकी ज़मां महका हाँ ! बल्कि कुल जहां महका

मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह
मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह

इमामुल अम्बिया तुम हो, मेरे माहे-लिक़ा तुम हो
मुहम्मद मुस्तफा तुम हो की महबूबे-ख़ुदा तुम हो
हो तुम मुश्किल-कुशा आक़ा, हो तुम हाजत-रवा आक़ा
हो महबूबे-ख़ुदा आक़ा, मेरा सब कुछ तुम्हीं तुम हो

मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह
मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह

ग़रीबों के सहारे हो, यतीमों के हो वाली तुम
हो ऐसे शाहे-आली तुम, हो मल्जा तुम हो मावा तुम
सभी दुख दर्द के मारों के, ग़रीबों के लाचारों के
सभी मीलाद वालों के, तुम्ही तुम हो तुम्ही तुम हो

मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह
मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह

तेरी हैबत से ऐ आक़ा ! गिरे बुत ज़लज़ला आया
बुझा दस सदियों का शोअला, तेरे घर को झुका काअबा
विलादत की ख़ुशी में हम लगाएंगे हरे परचम
मिटेंगे अपने सारे ग़म, मेरे आक़ा मेरे हमदम

मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह
मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह

मेरी आँखों से ओझल हो मगर ज़िंदा सदा तुम हो
इमामुल-अतक़िया तुम हो, मेरे रब के दना तुम हो
बड़ी सब से ख़ुशी हो तुम, फ़ज़ल रब का खुद ही हो तुम
हो ज़िंदा पर ख़फ़ी हो तुम, रसूले-आख़री हो तुम

मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह
मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह

ख़ुदा के बाद ऐ आक़ा ! सभी से ही वरा तुम हो
नबी हैं मोजिज़े लाए, सरापा मोजिज़ा तुम हो
तेरे मीलाद पर आक़ा ! गली कूचे सजाएंगे
मोहल्ले जगमगाएंगे, हरे झंडे लगाएंगे

हम मीलाद वाले हैं, हम मीलाद वाले हैं
हम मीलाद वाले हैं, हम मीलाद वाले हैं

मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह
मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह

तेरे उस्मान की है इल्तिजा के ज़िंदगी सारी
तेरी नातें सुनाएंगे के हम मीलाद वाले हैं
तेरे महजूर पे आक़ा, करम हो ख़ास ये आक़ा !
कलम इस का चले आक़ा तेरी ही नात में आक़ा

हम मीलाद वाले हैं, हम मीलाद वाले हैं
हम मीलाद वाले हैं, हम मीलाद वाले हैं

मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह
मरहबा रसूलल्लाह, मरहबा रसूलल्लाह

सरकार की आमद मरहबा
दिलदार की आमद मरहबा
आक़ा की आमद मरहबा
दाता की आमद मरहबा

शायर:
महजूर

नातख्वां:
उस्मान रज़ा क़ादरी

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