मेरे जीवन को मेरे मुर्शिद ऐसे चमकाया आप ने / Mere Jeevan Ko Mere Murshid Aise Chamkaya Aap Ne
चाँद से लेकर रौशनी जैसे टिमटिमाते तारे
होता है सवेरा जैसे सूरज की किरन से
मेरे जीवन को मेरे मुर्शिद ऐसे चमकाया आप ने
मेरे जीवन को मेरे मुर्शिद ऐसे चमकाया आप ने
चाँद से लेकर रौशनी जैसे टिमटिमाते तारे
होता है सवेरा जैसे सूरज की किरन से
होता है सवेरा जैसे सूरज की किरन से
मेरे जीवन को मेरे मुर्शिद ऐसे चमकाया आप ने
मुर्शिदी अत्तार पर नूर की बरसात हो
मुर्शिदी अत्तार पर नूर की बरसात हो
मैं भटक रहा था तन्हा अंधेरो की दुनिया में
की इल्म की शम'अ रोशन, मैं खुद से आशना कब था
जब आ कर आप ने थामा, मैं गिरने से फिर संभला
मेरे जीवन को मेरे मुर्शिद ऐसे चमकाया आप ने
मेरे जीवन को मेरे मुर्शिद ऐसे चमकाया आप ने
मुर्शिदी अत्तार पर नूर की बरसात हो
मुर्शिदी अत्तार पर नूर की बरसात हो
रूठी थी मेरी किस्मत, खोया खोया सा रहता
इस दुनिया की भीड़ में उलझा उलझा था रहता
दिन-रात गुनाह में कटते, अपने ही नफ़्स से तंग था
तुमने ही की इस्लाह वरना मैं तो इक नादान था
मेरा दिल, मेरी जान मेरे मुर्शिद पर क़ुरबान
मेरा दिल, मेरी जान मेरे मुर्शिद पर क़ुरबान
मुर्शिदी अत्तार पर नूर की बरसात हो
मुर्शिदी अत्तार पर नूर की बरसात हो
मैं, माना बहुत बुरा हूँ, अरमान मुझे है तुझ पर
बन जाऊंगा मैं अच्छा जो तेरी नज़र है मुझ पर
जो क़ब्र में मुश्किल आई, न छोड़ना मुझ को तन्हा
आ जाना बिगड़ी बनाने जब घबराऊँ मैं तन्हा
मुर्शिदी अत्तार पर नूर की बरसात हो
मुर्शिदी अत्तार पर नूर की बरसात हो
हरदम हो नूर की बारिश ऐ मुर्शिद ! आल पे तेरी
आक़ा की ख़ास नज़र से हो उम्र में बरकत तेरी
न छोडूंगा मैं दामन, न छोडूंगा मैं दर को
अत्तार करम से अपने न फेरना मुझ से रुख़ को
मेरा दिल, मेरी जान मेरे मुर्शिद पर क़ुरबान
मेरा दिल, मेरी जान मेरे मुर्शिद पर क़ुरबान
मुर्शिदी अत्तार पर नूर की बरसात हो
मुर्शिदी अत्तार पर नूर की बरसात हो
मुर्शिदी अत्तार पर नूर की बरसात हो
होता है सवेरा जैसे सूरज की किरन से
मेरे जीवन को मेरे मुर्शिद ऐसे चमकाया आप ने
मेरे जीवन को मेरे मुर्शिद ऐसे चमकाया आप ने
मुर्शिदी अत्तार पर नूर की बरसात हो
मुर्शिदी अत्तार पर नूर की बरसात हो
शायर:
एन मलिक
नातख्वां:
असद रज़ा अत्तारी
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