मेरे दिमाग़ में, दिल में, जिगर में रहते हैं / Mere Dimaagh Mein, Dil Mein, Jigar Mein Rehte Hain

मेरे दिमाग़ में, दिल में, जिगर में रहते हैं
ये घर है आक़ा का, अपने ही घर में रहते हैं

मेरे दिमाग़ में, दिल में, जिगर में रहते हैं

करम है रहमत-ए-आलम का सारे आलम पर
वो नूर हो के लिबास-ए-बशर में रहते हैं

ये घर है आक़ा का, अपने ही घर में रहते हैं

मेरे दिमाग़ में, दिल में, जिगर में रहते हैं

जो बा-अदब हैं अदब से सलाम पढ़ते हैं
जो बे-अदब हैं अगर और मगर में रहते हैं

ये घर है आक़ा का, अपने ही घर में रहते हैं

मेरे दिमाग़ में, दिल में, जिगर में रहते हैं

ये जान होश-ओ-ख़िरद रोज़ा-ए-नबी की तरफ़
ग़ुबार बन के हमेशा सफर में रहते हैं

ये घर है आक़ा का, अपने ही घर में रहते हैं

मेरे दिमाग़ में, दिल में, जिगर में रहते हैं

ग़ुबार-ए-तयबा की अज़मत न पूछिये हमसे
वो मिस्ल-ए-सुरमा हमारी नज़र में रहते हैं

ये घर है आक़ा का, अपने ही घर में रहते हैं

मेरे दिमाग़ में, दिल में, जिगर में रहते हैं

नदीम ! तयबा अक़ीदत की राजधानी है
मेरे हुज़ूर मेरे चश्म-ए-तर में रहते हैं

ये घर है आक़ा का, अपने ही घर में रहते हैं

मेरे दिमाग़ में, दिल में, जिगर में रहते हैं

नातख्वां:
मुहम्मद हस्सान रज़ा क़ादरी

Comments

Most Popular

काबा दिखा दे मौला / Kaba Dikha De Maula

मेरे हुसैन तुझे सलाम / Mere Husain Tujhe Salaam

या नबी सलाम अलैका / Ya Nabi Salam Alaika | Ya Nabi Salam Alayka (All Popular Versions)

अल-मदद पीरान-ए-पीर ग़ौस-उल-आज़म दस्तगीर / Al Madad Peeran-e-Peer Ghaus-ul-Azam Dastageer | Al Madad Peeran-e-Peer Ghaus-e-Azam Dastageer

वो शहर-ए-मोहब्बत जहाँ मुस्तफ़ा हैं / Wo Shehr-e-Mohabbat Jahan Mustafa Hain

क्या बताऊँ कि क्या मदीना है / Kya Bataun Ki Kya Madina Hai

बेख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना / Bekhud Kiye Dete Hain Andaz-e-Hijabana

ऐ ज़हरा के बाबा सुनें इल्तिजा मदीना बुला लीजिए / Aye Zahra Ke Baba Sunen Iltija Madina Bula Lijiye

सुनते हैं कि महशर में सिर्फ़ उन की रसाई है / Sunte Hain Ke Mehshar Mein Sirf Un Ki Rasai Hai

ऐ सबा मुस्तफ़ा से कह देना ग़म के मारे सलाम कहते हैं / Aye Saba Mustafa Se Keh Dena Gham Ke Mare Salam Kehte Hain (All Versions)