शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! / Shaah-e-Jeelaani ! Shaah-e-Jeelaani !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
मैं क़ादरी हूँ, शुक्र है ! रब्ब-ए-क़दीर का
दामन है मेरे हाथ में पीरान-ए-पीर का
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
है हक़ीक़त में ये कामरानी
गुज़रे बग़दाद में ज़िंदगानी
मैं करूँ आप की मद्ह-ख़्वानी
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
एक ठोकर से मुर्दे जिलाए
डूबे बेड़े भी पल में तिराए
ग़ौस-ए-आज़म का आया न सानी
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
एक नज़र-ए-करम का इशारा
कीजिए शाह-ए-जीलाँ ! ख़ुदा-रा !
आप की चाहिए मेहरबानी
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
मौला मुश्किल-कुशा के हैं जानी
आप की शान वलियों ने मानी
क़ादरी सिलसिले के हैं बानी
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
आज हम सब की झोली को भर दो
एक नज़र-ए-करम सब पे कर दो
आप हैं पंजतन की निशानी
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
मुझ पे क़ादिर करम इतना कर दे
उन के दर पे झुके ऐसा सर दे
हो वहीँ ख़त्म मेरी कहानी
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
मैं हूँ मँगता अलीम ! उस वली का
जिस पे साया है मौला अली का
ग़ौस-ए-आज़म की मेहरबानी
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
नातख्वां:
हुसैन युसूफ़ मेमन
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
मैं क़ादरी हूँ, शुक्र है ! रब्ब-ए-क़दीर का
दामन है मेरे हाथ में पीरान-ए-पीर का
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
है हक़ीक़त में ये कामरानी
गुज़रे बग़दाद में ज़िंदगानी
मैं करूँ आप की मद्ह-ख़्वानी
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
एक ठोकर से मुर्दे जिलाए
डूबे बेड़े भी पल में तिराए
ग़ौस-ए-आज़म का आया न सानी
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
एक नज़र-ए-करम का इशारा
कीजिए शाह-ए-जीलाँ ! ख़ुदा-रा !
आप की चाहिए मेहरबानी
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
मौला मुश्किल-कुशा के हैं जानी
आप की शान वलियों ने मानी
क़ादरी सिलसिले के हैं बानी
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
आज हम सब की झोली को भर दो
एक नज़र-ए-करम सब पे कर दो
आप हैं पंजतन की निशानी
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
मुझ पे क़ादिर करम इतना कर दे
उन के दर पे झुके ऐसा सर दे
हो वहीँ ख़त्म मेरी कहानी
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
मैं हूँ मँगता अलीम ! उस वली का
जिस पे साया है मौला अली का
ग़ौस-ए-आज़म की मेहरबानी
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी ! शाह-ए-जीलानी !
नातख्वां:
हुसैन युसूफ़ मेमन
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