मेरे नबी ज़ीशान / Mere Nabi Zeeshaan
पूछ लो ये नज़ारों से
गुल गुलशन गुलज़ारों से
सूरज चाँद सितारों से
ज़र्रों से, मह-पारों से
हर जल्वे का एक बयान
मेरे नबी ज़ीशान, मेरे नबी ज़ीशान
सर पे ताज-ए-शफ़ाअ'त है
उन पर ख़त्म नबुव्वत है
ज़ात सरापा रहमत है
ऐसी उन की सूरत है
जैसे रेहल पे हो क़ुरआ'न
मेरे नबी ज़ीशान, मेरे नबी ज़ीशान
नूर-ए-मुजस्सम, नूर-ए-अज़ल
जिस का नहीं है कोई बदल
नूरी क़सीदा, नूरी ग़ज़ल
दूध में जैसे खिलता कँवल
रब्ब-ए-उला का वो मेहमान
मेरे नबी ज़ीशान, मेरे नबी ज़ीशान
रहमत-ओ-बरकत वाले हैं
नेअ'मत-ओ-जन्नत वाले हैं
ताज-ए-शफ़ाअ'त वाले हैं
ऐसी क़ुदरत वाले हैं
जिन का कहा, रब का फ़रमान
मेरे नबी ज़ीशान, मेरे नबी ज़ीशान
आ'ला हज़रत बोल गए
इश्क़ के मोती रोल गए
सारी हक़ीक़त खोल गए
दे के सबक़ अनमोल गए
इश्क़-ए-नबी ईमाँ की जान
मेरे नबी ज़ीशान, मेरे नबी ज़ीशान
हक़ की बात बताते हैं
जाम-ए-करम छलकाते हैं
सीधी राह दिखाते हैं
जन्नत तक पहुँचाते हैं
सब पे असद ! उन का एहसान
मेरे नबी ज़ीशान, मेरे नबी ज़ीशान
शायर:
असद इक़बाल
नात-ख़्वाँ:
असद इक़बाल
गुल गुलशन गुलज़ारों से
सूरज चाँद सितारों से
ज़र्रों से, मह-पारों से
हर जल्वे का एक बयान
मेरे नबी ज़ीशान, मेरे नबी ज़ीशान
सर पे ताज-ए-शफ़ाअ'त है
उन पर ख़त्म नबुव्वत है
ज़ात सरापा रहमत है
ऐसी उन की सूरत है
जैसे रेहल पे हो क़ुरआ'न
मेरे नबी ज़ीशान, मेरे नबी ज़ीशान
नूर-ए-मुजस्सम, नूर-ए-अज़ल
जिस का नहीं है कोई बदल
नूरी क़सीदा, नूरी ग़ज़ल
दूध में जैसे खिलता कँवल
रब्ब-ए-उला का वो मेहमान
मेरे नबी ज़ीशान, मेरे नबी ज़ीशान
रहमत-ओ-बरकत वाले हैं
नेअ'मत-ओ-जन्नत वाले हैं
ताज-ए-शफ़ाअ'त वाले हैं
ऐसी क़ुदरत वाले हैं
जिन का कहा, रब का फ़रमान
मेरे नबी ज़ीशान, मेरे नबी ज़ीशान
आ'ला हज़रत बोल गए
इश्क़ के मोती रोल गए
सारी हक़ीक़त खोल गए
दे के सबक़ अनमोल गए
इश्क़-ए-नबी ईमाँ की जान
मेरे नबी ज़ीशान, मेरे नबी ज़ीशान
हक़ की बात बताते हैं
जाम-ए-करम छलकाते हैं
सीधी राह दिखाते हैं
जन्नत तक पहुँचाते हैं
सब पे असद ! उन का एहसान
मेरे नबी ज़ीशान, मेरे नबी ज़ीशान
शायर:
असद इक़बाल
नात-ख़्वाँ:
असद इक़बाल
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