काम आप का बंदों को सदा रब से मिलाना | सरकार-ए-मदीना / Kaam Aap Ka Bandon Ko Sada Rab Se Milana | Sarkar-e-Madina
काम आप का बंदों को सदा रब से मिलाना सरकार-ए-मदीना ! सरकार-ए-मदीना ! क्यूँ आप पे क़ुर्बान न हो सारा ज़माना सरकार-ए-मदीना ! सरकार-ए-मदीना ! आप आए तो आने लगीं राहत की हवाएँ आप आए तो छाने लगीं रहमत की घटाएँ हर एक को हासिल हुआ ख़ुशियों का ख़ज़ाना सरकार-ए-मदीना ! सरकार-ए-मदीना ! सर पर है सजा ख़त्म-ए-नबुव्वत का हसीं ताज अल्लाह ने बख़्शी है फ़क़त आप को मे'राज क़ुरआन में है आप की 'अज़मत का तराना सरकार-ए-मदीना ! सरकार-ए-मदीना ! हम भूल नहीं सकते हैं ताइफ़ का वो मंज़र मारे गए पत्थर पे जहाँ आप को पत्थर रोके से नहीं रुक गया वो अश्क बहाना सरकार-ए-मदीना ! सरकार-ए-मदीना ! की आप ने अक़्सा में रसूलों की इमामत सफ़ बाँधे खड़ी पीछे थी नबियों की जमा'अत बुर्राक़ पे फिर आप हुए 'अर्श रवाना सरकार-ए-मदीना ! सरकार-ए-मदीना ! 'उश्शाक़ की दिन-रात यही रब से गुज़ारिश ख़्वाहिश है अगर कोई तो वो आप की ख़्वाहिश हो आप की नगरी में हमारा भी ठिकाना सरकार-ए-मदीना ! सरकार-ए-मदीना ! क्यूँकर वो किसी और के रस्ते पे चलेगा क्यूँकर वो किसी और की सीरत में ढलेगा है दिल से 'अज़ीज़ आप का ही एक दिवाना सरकार-ए-म...