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तमाम आलम के जिन्न-ओ-इंसाँ ख़ुशी के नग़मात गा रहे हैं / Tamam Alam Ke Jinn-o-Insan Khushi Ke Naghmat Ga Rahe Hain

Tamam Alam Ke Jinn-o-Insan Lyrics in Hindi, English & Urdu तमाम 'आलम के जिन्न-ओ-इंसाँ ख़ुशी के नग़मात गा रहे हैं बनी है जिन के लिए ये दुनिया वो आज तशरीफ़ ला रहे हैं सबा ने पूछा, ऐ फूल ! तेरा लिबास कितना महक रहा है तो फूल बोला नबी के तलवों की हम भी ख़ैरात पा रहे हैं ज़माना करवट बदल रहा है, हुज़ूर तशरीफ़ ला रहे हैं मलाइका आमिना के आँगन में आज ख़ुशियाँ मना रहे हैं नबी बचपना था क्या सलोना, कि चाँद था आप का खिलौना कभी खिलौने को तोड़ते हैं, कभी खिलौना बना रहे हैं ना'त-ख़्वाँ: सैफ़ रज़ा कानपुरी सय्यिद कैफ़ी अली रज़वी tamaam 'aalam ke jinn-o-insaa.n KHushi ke naGmaat ga rahe hai.n bani hai jin ke liye ye duniya wo aaj tashreef laa rahe hai.n saba ne poochha, ai phool ! tera libaas kitna mahak raha hai to phool bola nabi ke talwo.n ki ham bhi KHairaat paa rahe hai.n zamaana karwaT badal raha hai, huzoor tashreef laa rahe hai.n malaaika aamina ke aangan me.n aaj KHushiyaa.n mana rahe hai.n nabi ka bachpan tha kya salona, ki chaand thaa aap ka khilauna kabhi k...

अहलन व सहलन मरहबा | आ गए आ गए आ गए सरकार / Ahlan Wa Sahlan Marahaba | Aa Gaye Aa Gaye Aa Gaye Sarkar

Ahlan Wa Sahlan Marahaba Lyrics in Hindi, English & Urdu या मुस्तफ़ा ! या मुज्तबा ! अहलव्-व-सहलन मरहबा ! अहलव्-व-सहलन मरहबा ! आ गए, आ गए, आ गए सरकार आ गए, आ गए, आ गए सरकार फिर सजे बाज़ार सारे, मरहबा सद-मरहबा हो गए रौशन नज़ारे, मरहबा सद-मरहबा आ गए, आ गए, आ गए सरकार आ गए मुस्तफ़ा ! मरहबा मरहबा ! आ गए मुज्तबा ! मरहबा मरहबा ! ख़ातमुल-अंबिया ! मरहबा मरहबा ! सय्यिद-उल-अस्फ़िया ! मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा ! अंबिया-ओ-मुर्सलीं सब साहिब-ए-'अज़मत मगर आप हैं सब से ही प्यारे, मरहबा सद-मरहबा आ गए, आ गए, आ गए सरकार अहलव्-व-सहलन मरहबा ! अहलव्-व-सहलन मरहबा ! आप जब पैदा हुए तो झुक गए बहर-ए-सलाम आसमाँ के बुर्ज सारे, मरहबा सद-मरहबा आ गए, आ गए, आ गए सरकार आ गए मुस्तफ़ा ! मरहबा मरहबा ! आ गए मुज्तबा ! मरहबा मरहबा ! ख़ातमुल-अंबिया ! मरहबा मरहबा ! सय्यिद-उल-अस्फ़िया ! मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा ! मरहबा मरहबा ! उन की आमद पर मनाओ ख़ूब ख़ुशियाँ, मोमिनो ! हैं ये क़ुरआँ में इशारे, मरहबा सद-मरहबा आ गए, आ गए, आ गए सरकार आ गए, आ गए, आ गए सरकार शाह के मीलाद की कैसी ख़ुशी है देखिए ...

बारहवीं का नूर दिल पे छा गया / Barahwin Ka Noor Dil Pe Chha Gaya | Barvi Ka Noor Dil Pe Cha Gaya (All Versions)

Barvi Ka Noor Dil Pe Cha Gaya Lyrics in Hindi, English & Urdu आ गए मुस्तफ़ा ! मरहबा मरहबा ! सरकार की आमद ! मरहबा ! दिलदार की आमद ! मरहबा ! मंठार की आमद ! मरहबा ! मुख़्तार की आमद ! मरहबा ! आक़ा की आमद ! मरहबा ! दाता की आमद ! मरहबा ! आ'ला की आमद ! मरहबा ! मौला की आमद ! मरहबा ! बारहवीं का नूर दिल पे छा गया आ गए नबी, आख़िरी नबी नूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रिया आ गए नबी, आख़िरी नबी क्यूँ बारहवीं पे है सभी को प्यार आ गया आया इसी दिन अहमद-ए-मुख़्तार आ गया घर आमिना के सय्यिद-ए-अबरार आ गया ख़ुशियाँ मनाओ, ग़म-ज़दो ! ग़म-ख़्वार आ गया या ख़ुदा ! करम तेरा मोमिनों पे ये हुआ बख़्शवाने को ख़ता आ गए हैं मुस्तफ़ा 'आसियो ! सुनो, रहमत-ए-ख़ुदा आ गए नबी, आख़िरी नबी बारहवीं का नूर दिल पे छा गया आ गए नबी, आख़िरी नबी नूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रिया आ गए नबी, आख़िरी नबी मुहम्मद-ए-मुस्तफ़ा ! सब से आख़िरी नबी ! अहमद-ए-मुज्तबा ! सब से आख़िरी नबी ! हैं शफ़ी'-उल-वरा ! सब से आख़िरी नबी ! आमिना का लाडला ! सब से आख़िरी नबी ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह ! निसार तेरी ...

ज़मीं से फ़लक तक यही इक सदा है | मेरे मुस्तफ़ा हैं / Zameen Se Falak Tak Yahi Ik Sada Hai | Mere Mustafa Hain

Zameen Se Falak Tak Yahi Ek Sada Hai Mere Mustafa Hain Lyrics in Hindi, English & Urdu ज़मीं से फ़लक तक यही इक सदा है मेरे मुस्तफ़ा हैं, मेरे मुस्तफ़ा हैं सर उन के शफ़ा'अत का सेहरा सजा है मेरे मुस्तफ़ा हैं, मेरे मुस्तफ़ा हैं जो नबियों रसूलों के भी मुक़्तदा हैं जो मौला 'अली के भी मुश्किल-कुशा हैं उन्हीं से ज़माना ये रौशन हुआ है मेरे मुस्तफ़ा हैं, मेरे मुस्तफ़ा हैं जो उँगली से कर देते हैं चाँद टुकड़े जो चाहें तो डूबा हुआ शम्स पलटे ये ए'जाज़ उन को ख़ुदा ने दिया है मेरे मुस्तफ़ा हैं, मेरे मुस्तफ़ा हैं ज़मीं, 'अर्श, दरिया है सदक़ा नबी का समर, बाग़-ओ-सहरा है सदक़ा नबी का उन्हीं के ही सदक़े में सब कुछ बना है मेरे मुस्तफ़ा हैं, मेरे मुस्तफ़ा हैं जिधर देखिए रौशनी रौशनी है शह-ए-अंबिया की विलादत हुई है ज़रा देखिए का'बा भी झूमता है मेरे मुस्तफ़ा हैं, मेरे मुस्तफ़ा हैं जो 'आशिक़ है उन का वो डरता नहीं है और ईमान का सौदा करता नहीं है वो चढ़ कर के सूली पे भी बोलता है मेरे मुस्तफ़ा हैं, मेरे मुस्तफ़ा हैं सहाबा शह-ए-दीं के रौशन सितारे और आल-ए-नबी डूबतों के सहारे वो हक़ पर है इन ...

सजाओ घर गली कूचे मुहम्मद मुस्तफ़ा आए / Sajao Ghar Gali Kooche Muhammad Mustafa Aaye

Sajao Ghar Gali Kooche Muhammad Mustafa Aaye Lyrics in Hindi, English & Urdu मेरे सरकार आते हैं, मेरे सरकार आते हैं सजाओ घर गली कूचे, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए खिली कलियाँ, खिले ग़ुंचे, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए सजाओ घर गली कूचे, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए मेरे आक़ा आ गए, मेरे दाता आ गए मेरे साइयाँ आ गए, प्यारे आक़ा आ गए ज़मीन-ओ-आसमाँ तक नूर फैला उन की आमद है आक़ा की आमद ! मरहबा ! मौला की आमद ! मरहबा ! ताहा की आमद ! मरहबा ! यासीं की आमद ! मरहबा ! ज़मीन-ओ-आसमाँ तक नूर फैला उन की आमद है कि रहमत के हुए साए, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए सजाओ घर गली कूचे, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए आमिना का ला'ल आया, आमिना का ला'ल आया आमिना का ला'ल आया, आमिना का ला'ल आया ग़ुलामों बा-अदब हो कर करो ज़िक्र-ए-नबी सारे कि ख़त्म-ए-मुर्सलाँ आए, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए सजाओ घर गली कूचे, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए मनाओ जश्न नादारो ! तुम्हारे ग़म-गुसार आए हुज़ूर आए, हुज़ूर आए, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए सजाओ घर गली कूचे, मुहम्मद मुस्तफ़ा आए मेरे आक़ा आ गए, मेरे दाता आ गए मेरे साइयाँ आ गए, प्यारे आक़ा आ गए मलाइक क़ुदसियो ! तुम को बशारत हो, मुबारक ह...