सारा जहाँ फ़िदा है मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है / Sara Jahan Fida Hai Milad-e-Mustafa Hai
सारा जहाँ फ़िदा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है हर कोई कह रहा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है सदियों से मुंतज़िर था जिस नूर का ज़माना वो नूर आ रहा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है बारह रबी'-उल-अव्वल तुझ पर निसार जाऊँ कैसा शरफ़ मिला है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है सरकार की आमद ! मरहबा ! दिलदार की आमद ! मरहबा ! आक़ा की आमद ! मरहबा ! मौला की आमद ! मरहबा ! सब झूम के बोलो ! मरहबा ! लब चूम के बोलो ! मरहबा ! ललकार के बोलो ! मरहबा ! मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है सिदरा से ले के उतरे जिब्रील तीन झंडे पैग़ाम दे दिया है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है रौनक़ लगी हुई है घर आमिना के आओ मक्के में ग़ुल उठा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है रौनक़ लगी हुई है घर आमिना के आओ घर आमिना के आओ, घर आमिना के आओ भर लो करम नाल झोलियाँ, आ जाओ मँगतेयो ! सुब्ह-ए-सादिक़ है, फ़क़ीरो ! आमिना के घर चलो कासा ले कर, बे-सहारो ! आमिना के घर चलो ख़ूब सदक़ा बट रहा है, आमिना के ला'ल का ताजदारो मालदारो ...