कुछ देर तो बैठो अहल-ए-दिल हम नूर-ए-हुदा की बात करें / Kuchh Der To Baitho Ahl-e-Dil Hum Noor-e-Huda Ki Baat Karein
कुछ देर तो बैठो, अहल-ए-दिल ! हम नूर-ए-हुदा की बात करें सरकार-ए-दो-'आलम सल्ले-'अला महबूब-ए-ख़ुदा की बात करें वो जिन से मुनव्वर दोनों जहाँ वो जिन से मिटी ज़ुल्मत शब की तोहफ़े में जिन्हें क़ुरआन मिला उन जान-ए-फ़िदा की बात करें वश्शम्स है चेहरा-ए-अनवर और वल्लैल हैं गेसू हज़रत के कौनैन की महफ़िल जिन से सजी वो सब से जुदा की बात करें अलक़ाब मिले ताहा यासीं मुज़म्मिल-ओ-मक्की-मदनी भी और उस्वा-ए-हसना जिस को कहा उस रब की सदा की बात करें ग़म-ख़्वार हैं आक़ा उम्मत के सरदार-ए-'उला हैं जन्नत के वो रहमत-ए-'आलम नूर-ए-मुबीं शफ़क़त की रिदा की बात करें हो 'अज़मत-ओ-रिफ़'अत कैसे बयाँ मे'राज तलक हैं जा पहुँचे हम साक़ी-ए-आब-ए-कौसर के अख़्लाक़-ओ-अदा की बात करें हम जैसे गुनहगारों के लिए वो रब से सिफ़ारिश कर देंगे बहबूद की जो गूँजी है, फ़िज़ा ! उस हक़ की निदा की बात करें शा'इरा: फ़िज़ा फ़ानिया ना'त-ख़्वाँ: मुफ़्ती अनस यूनुस kuchh der to baiTho, ahl-e-dil ! ham noor-e-huda ki baat kare.n sarkaar-e-do-'aalam salle-'ala mahboob-e-KHuda ki baat k...