ऐ मुजाहिद-ए-नबी नात गुनगुनाए जा | हक़ अल्लाह हक़ अल्लाह / Aye Mujahid-e-Nabi Naat Gungunaye Ja | Haq Allah Haq Allah
हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह ऐ मुजाहिद-ए-नबी ! ना'त गुनगुनाए जा नग़्मा-ए मुहम्मदी झूम कर सुनाए जा दो जहाँ पे छाए जा, ज़र्ब-ए-हक़ लगाए जा हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह परचम-ए-नबी उठा ले ख़ुदा का आसरा दर्स-ए-मुर्शिदी है ये, हक़ पे ज़िंदगी लुटा हक़ पे जाँ लुटाए जा, ज़र्ब-ए-हक़ लगाए जा हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह बात कर तू बा'द में, पहले तू सलाम कर जो तेरे बुज़ुर्ग हैं, उन का एहतिराम कर उन से फ़ैज़ पाए जा, ज़र्ब-ए-हक़ लगाए जा हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह शुक्र कर ख़ुदा का तू, तुझ को ये वतन मिला पाक सरज़मीं मिली और ये चमन मिला सर को तू झुकाए जा, ज़र्ब-ए-हक़ लगाए जा हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह झूट बोलना नहीं तुम कभी ज़ुबान से ला'नत-ए-ख़ुदा है ये, देख लो क़ुरआन से सच के गीत गाए जा, ज़र्ब-ए-हक़ लगाए जा हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह अपने मुर्शिदी का दिल इस तरह से शाद कर जो सबक़ मिले तुझे, तू दिल लगा के याद कर उन से फ़ैज़ पाए जा, ज़र्ब-ए-हक़ लगाए जा हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह, हक़ अल्लाह आए ...