ख़ुदा का दिल में बस जाना ये इक फ़ज़्ल-ए-ख़ुदावंदी / Khuda Ka Dil Mein Bas Jana Ye Ik Fazl-e-Khudawandi
ख़ुदा का दिल में बस जाना ये इक फ़ज़्ल-ए-ख़ुदावंदी ख़ुदा का फ़ज़्ल पाना भी ख़ुदा की मेहरबानी है मुझे है 'इश्क़ अल्लाह से, मेरा महबूब अल्लाह है मुझे ये 'इश्क़ होना भी ख़ुदा की मेहरबानी है मेरे ईमान की लज़्ज़त ख़ुदा के नाम ही से है ख़ुदा का नाम लेना भी ख़ुदा की मेहरबानी है कलामुल्लाह को पढ़ता हूँ, ख़ुदा से बात करता हूँ ख़ुदा से जी लगाना भी ख़ुदा की मेहरबानी है ख़ुदा के ज़िक्र से दिल में लगे ज़ंग को मिटाता हूँ कि दिल से ज़ंग मिटाना भी ख़ुदा की मेहरबानी है ख़ुदा की याद में शाम-ओ-सहर मेरे गुज़रते हैं कि इन यादों में बसना भी ख़ुदा की मेहरबानी है मैं इक गुमनाम सा रुदरुद फ़क़त अश'आर लिखता हूँ मेरा अश'आर लिखना भी ख़ुदा की मेहरबानी है शायर: रुदरुद मुरादाबादी नशीद-ख़्वाँ: कलीम वारिस KHuda ka dil me.n bas jaana ye ik fazl-e-KHudawandi KHuda ka fazl paana bhi KHuda ki mehrbaani hai mujhe hai 'ishq allah se, mera mahboob allah hai mujhe ye 'ishq hona bhi KHuda ki mehrbaani hai mere imaan ki lazzat KHuda ke naam hi se hai KHuda ka naam lena bhi KHuda ki mehrbaani hai k...