आप का मैं उम्मती हूँ ये मेरी क़िस्मत हुज़ूर / Aap Ka Main Ummati Hun Ye Meri Qismat Huzoor
आप का मैं उम्मती हूँ ये मेरी क़िस्मत, हुज़ूर ! मेरे जीवन का है मक़्सद आप से उल्फ़त, हुज़ूर ! मेरा दिल, धड़कन, जिगर, साँसों की मंज़िल आप हैं दर्द की मौजों में इक राहत का साहिल आप हैं जाँ लुटाई जाए जिस पर उस के क़ाबिल आप हैं 'इश्क़ का मक़्सूद हैं, मक़्सद हैं हासिल आप हैं मेरी साँसों की रवानी आप की ख़ातिर, हुज़ूर ! है फ़िदा कुल ज़िंदगानी आप की ख़ातिर, हुज़ूर ! आप का मैं उम्मती हूँ ये मेरी क़िस्मत, हुज़ूर ! मेरे जीवन का है मक़्सद आप से उल्फ़त, हुज़ूर ! आप का हर क़ौल, आक़ा ! मो'तबर मेरे लिए आप के क़दमों का ज़र्रा है क़मर मेरे लिए आप का दीदार मे'राज-ए-नज़र मेरे लिए आप के ना'लैन-ए-अक़्दस ताज-ए-सर मेरे लिए आप से मंसूब हर शय से 'अक़ीदत है, हुज़ूर ! सब से बढ़ कर आप से मुझ को मोहब्बत है, हुज़ूर ! आप का मैं उम्मती हूँ ये मेरी क़िस्मत, हुज़ूर ! मेरे जीवन का है मक़्सद आप से उल्फ़त, हुज़ूर ! है तमन्ना ख़्वाब में उल्फ़त दिखाऊँ आप को कह के, या रूही-व-नफ़्सी मैं बुलाऊँ आप को आप के हस्सान सा गरचे सना-ख़्वाँ मैं नहीं है तमन्ना आप की ना'तें सुनाऊँ आप को 'इश्क़ में बन जाऊँ ऐसा मैं भी दीवाना, हुज़ूर !...