इश्क़ से माला-माल होते हैं | उन के नौकर कमाल होते हैं / Ishq Se Malamal Hote Hain | Un Ke Naukar Kamal Hote Hain
कमाल होते हैं, कमाल होते हैं कमाल होते हैं, कमाल होते हैं 'इश्क़ से माला-माल होते हैं उन के नौकर कमाल होते हैं कमाल होते हैं, कमाल होते हैं उन के नौकर कमाल होते हैं अपने मँगतों के सर पे शाम-ओ-सहर बीबी ज़हरा के लाल होते हैं उन के नौकर कमाल होते हैं 'इश्क़ से माला-माल होते हैं उन के नौकर कमाल होते हैं मेरे लजपाल के सख़ी दर से सब के पूरे सवाल होते हैं उन के नौकर कमाल होते हैं कमाल होते हैं, कमाल होते हैं उन के नौकर कमाल होते हैं उन का सदक़ा जो लोग खाते हैं वही टुकड़े हलाल होते हैं उन के नौकर कमाल होते हैं 'इश्क़ से माला-माल होते हैं उन के नौकर कमाल होते हैं 'इश्क़-ए-ख़ैर-उल-वरा में जब देखो आगे आगे बिलाल होते हैं उन के नौकर कमाल होते हैं कमाल होते हैं, कमाल होते हैं उन के नौकर कमाल होते हैं 'आशिक़ों को, सुहैल फ़ारूक़ी ! यार ही के ख़याल होते हैं उन के नौकर कमाल होते हैं 'इश्क़ से माला-माल होते हैं उन के नौकर कमाल होते हैं शायर: सुहैल कलीम फ़ारूक़ी ना'त-ख़्वाँ: उमैर ज़ुबैर kamaal hote hai.n, kamaal hote hai.n kamaal hote hai.n...