जगमगाया ईद से हर इक मकाँ / Jagmagaya Eid Se Har Ik Makan
जगमगाया 'ईद से हर इक मकाँ हो मुबारक आप को, अहल-ए-ईमाँ ! चाँद ने बढ़ कर मुबारकबाद दी शुक्र करते हैं सभी अहल-ए-जहाँ हो मुबारक आप को, अहल-ए-ईमाँ ! जगमगाया 'ईद से हर इक मकाँ हो मुबारक आप को, अहल-ए-ईमाँ ! चार-सू पुर-कैफ़ है मसहूर-कुन हर तरफ़ फैला है उल्फ़त का निशाँ हो मुबारक आप को, अहल-ए-ईमाँ ! जगमगाया 'ईद से हर इक मकाँ हो मुबारक आप को, अहल-ए-ईमाँ ! फ़ाक़ा-मस्ती में भी हैं ख़ुशियाँ बसी मुस्कुराया मुफ़्लिसी का आशियाँ हो मुबारक आप को, अहल-ए-ईमाँ ! जगमगाया 'ईद से हर इक मकाँ हो मुबारक आप को, अहल-ए-ईमाँ ! भूल कर रंजिश मिटाओ सब गुमाँ जोड़ लें टूटे दिलों को यक ज़ुबाँ हो मुबारक आप को, अहल-ए-ईमाँ ! जगमगाया 'ईद से हर इक मकाँ हो मुबारक आप को, अहल-ए-ईमाँ ! रोज़-ओ-शब की बंदगी लाइ समर छा गया, फ़ानी ! सुकूँ का साएबाँ हो मुबारक आप को, अहल-ए-ईमाँ ! जगमगाया 'ईद से हर इक मकाँ हो मुबारक आप को, अहल-ए-ईमाँ ! शायर: हस्सान फ़ानी नशीद-ख़्वाँ: हाफ़िज़ अहमद मुज्तबा jagmagaaya 'eid se har ik makaa.n ho mubaarak aap ko, ahl-e-imaa.n ! chaand ne ba.Dh kar ...