ये मेहर-ओ-माह सितारों की दिल-कशी क्या है / Ye Mehr-o-Mah Sitaron Ki Dilkashi Kya Hai
ये मेहर-ओ-माह सितारों की दिल-कशी क्या है नबी के हुस्न के आगे ये चाँदनी क्या है नबी की ना'त पढ़ी जा रही है महफ़िल में ज़रा बताइए लब पर ये ख़ामोशी क्या है अगर है आना तो आना नबी के रौज़े पर ऐ मौत ! तुझ को बताऊँगा ज़िंदगी क्या है नबी के शहर में जन्नत तलाश करता है ज़रा मुझे तो बता उस जगह कमी क्या है लगा के तख़्त को ठोकर कहा ये शाहों ने तेरी गदाई के आगे शहनशही क्या है नबी के 'इश्क़ ने लफ़्ज़ों को कर दिया अनमोल नबी की ना'त है वर्ना ये शा'इरी क्या है हैं जिस के मौला नबी, उस के हैं 'अली मौला अब इस में और समझना है क्या, 'अली क्या है ख़मोश रह के वो दुश्मन को मात देते थे इसी से जान लो मे'यार-ए-अज़हरी क्या है पहन के बैठे हैं गुलज़ार जुब्बा-ए-मौला इसी से जान लो गुलज़ार वास्ती क्या है ना'त-ख़्वाँ: असद इक़बाल कलकत्तवी सय्यिद अब्दुल वसी क़ादरी रज़वी ye mehr-o-maah sitaaro.n ki dil-kashi kya hai nabi ke husn ke aage ye chaandni kya hai nabi ki naa't pa.Dhi jaa rahi hai mehfil me.n zara bataaiye lab par ye KHaamoshi kya hai agar hai aana to aan...