जश्न-ए-नबी करेंगे बड़ी धूम-धाम से | आला हज़रत के दीवाने / Jashn-e-Nabi Karenge Badi Dhoom Dhaam Se | Ala Hazrat Ke Deewane
जश्न-ए-नबी करेंगे बड़ी धूम-धाम से मतलब नहीं है हम को यज़ीदी निज़ाम से तकलीफ़ जिस को होगी दुरूद-ओ-सलाम से तकलीफ़ उस को देंगे रज़ा के कलाम से आ'ला हज़रत के दीवाने आ'ला हज़रत के दीवाने सुन कर रज़ा का ज़िक्र तलबगार हो गए जो सो रहे थे नींद से बेदार हो गए जब बात आ गई है नबी के वक़ार पर ये जान लुटाने को भी तय्यार हो गए आ'ला हज़रत के दीवाने आ'ला हज़रत के दीवाने मर्कज़ मेरा बरेली है मेरी वफ़ा के साथ बीमार चल रहे हैं मुकम्मल शिफ़ा के साथ गुस्ताख़ देख लेंगे ये मैदान-ए-हश्र में हैं क़ादरी फ़क़ीर, रहेंगे रज़ा के साथ आ'ला हज़रत के दीवाने आ'ला हज़रत के दीवाने चारों तरफ़ से कुफ़्र के शो'ले उबल पड़े करने लगे हुज़ूर पे हमले बड़े बड़े कोई कहे हुज़ूर को अपनी तरह बशर ज़िक्र-ए-नबी को कोई कहे ग़ैर-मो'तबर कोई नबी के 'इल्म पे ता'ना-ज़नी करे कलमा पढ़े उन्हीं का, उन्हीं को बुरा कहे तौहीन कर रही थीं ये बातिल जमा'अतें मग़्मूम हो रही थीं दिलों की समा'अतें 'आशिक़ नबी के रो के ये कहते थे बार-बार कब आएगा हमारे 'अक़ीदों का पहरे-दार नामूस-ए-मुस्तफ़ा की हिफ़ाज़त करेगा कौन ? न...