मज़हर-ए-नूर-ए-ख़ुदा सरकार ताज-उल-औलिया / Mazhar-e-Noor-e-Khuda Sarkar Taj-ul-Auliya
मज़हर-ए-नूर-ए-ख़ुदा सरकार ताज-उल-औलिया जल्वा-ए-शम्सुद्दुहा सरकार ताज-उल-औलिया मालिक-ए-'इल्म-ए-लदुन्नी, पैकर-ए-सब्र-ओ-रज़ा तेवर-ए-शेर-ए-ख़ुदा सरकार ताज-उल-औलिया रौशनी जिस की विलायत की है फैली चार-सू वो चराग़-ए-फ़ातिमा सरकार ताज-उल-औलिया ज़ोहद-ओ-तक़्वा, पारसाई में यक़ीनन आप हैं नाइब-ए-ग़ौस-उल-वरा, सरकार ताज-उल-औलिया ! बैठे बैठे ही करा देते हैं का'बे का तवाफ़ जान लो इस से है क्या सरकार ताज-उल-औलिया अपने मँगतों को कभी मायूस लौटाते नहीं मम्बा'-ए-जूद-ओ-सख़ा सरकार ताज-उल-औलिया जिस तरफ़ भी देखिए है 'उर्स-ए-सद-साला की धूम मरहबा सद मरहबा सरकार ताज-उल-औलिया बटता है शाम-ओ-सहर फ़ैज़ान ग़ौस-ए-पाक का ऐसा है रौज़ा तेरा, सरकार ताज-उल-औलिया ! भीक लेने आए हैं मँगते तेरे दरबार में हो करम सब पर शहा सरकार ताज-उल-औलिया ! नाज़ कर अपने मुक़द्दर पर, ऐ शहर-ए-नागपुर ! तुझ में है जल्वा-नुमा सरकार ताज-उल-औलिया हश्र तक फूले-फले ये मस्लक-ए-अहमद-रज़ा है यही दिल की दु'आ, सरकार ताज-उल-औलिया ! हर तरफ़ फैली है जो गुलज़ार की ये निकहतें आप ही की है 'अता, सरकार ताज-उल-औलिया ! शायर: सय्यिद शाह गु...