मुहम्मद नाम ऐसा है कि जिस लब पर ये नाम आया / Muhammad Naam Aisa Hai Ke Jis Lab Par Ye Naam Aaya
नाम-ए-मुहम्मद सल्ले-'अला, नाम-ए-मुहम्मद सल्ले-'अला नाम-ए-मुहम्मद सल्ले-'अला, नाम-ए-मुहम्मद सल्ले-'अला सल्ले-'अला नबिय्येना, सल्ले-'अला मुहम्मदिन सल्ले-'अला नबिय्येना, सल्ले-'अला मुहम्मदिन मुहम्मद नाम ऐसा है कि जिस लब पर ये नाम आया इता'अत हो गई वाजिब, शफ़ा'अत का पयाम आया मोहब्बत का तक़ाज़ा था, यही दिल की तमन्ना थी कि हर लब पर दुरूद आया, कि हर दिल में सलाम आया जहाँ वालों ने पूछा जब कि क्या है दीन का जौहर ज़ुबाँ पर था फ़क़त क़ुरआन, दिल में उन का नाम आया श'ईर-ओ-तूर से फूटे यक़ीनन चश्मे नूरानी मगर फ़ारान का बादल तो सागर था मदाम आया ज़मीं वालो ! मुबारक हो कि ये अर्ज़-ए-मुतह्हर है मुरीद-ए-बा-सफ़ा बन कर मलाइक का इमाम आया ग़ुलामान-ए-मुहम्मद का जहाँ में मर्तबा देखो कि हर दिल में मुक़द्दस है, ज़ुबाँ पर एहतिराम आया मुक़द्दस हस्तियाँ, शाकिर ! अगरचे और भी तो हैं सर-ए-'अर्श-ए-बरीं लिक्खा, मगर उन का ही नाम आया शायर: शाकिर फ़ारूक़ी ना'त-ख़्वाँ: जवाद रज़ा क़ादरी naam-e-muhammad salle-'ala, naam-e-muhammad salle-'ala naam-e...