अल्लाह हू अल्लाह हू दम-ब-दम अल्लाह हू / Allah Hoo Allah Hoo Dam Ba Dam Allah Hoo
अल्लाह हू अल्लाह हू दम-ब-दम अल्लाह हू हर जगह हर घड़ी हर क़दम अल्लाह हू लम्हा लम्हा बसर हो तेरे ज़िक्र में ज़िंदगी का सफ़र हो तेरे ज़िक्र में बस ज़बाँ नग़्मा-गर हो तेरे ज़िक्र में दिल में रौशन हो शम'-ए-हरम अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू दम-ब-दम अल्लाह हू हर जगह हर घड़ी हर क़दम अल्लाह हू हर कली हर समर लहलहाते शजर चाँदनी कहकशाँ नूरी शम्स-ओ-क़मर ये ज़मीं ये फ़लक बल्कि हर ख़ुश्क-ओ-तर कर रहे हैं सना सब बहम अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू दम-ब-दम अल्लाह हू हर जगह हर घड़ी हर क़दम अल्लाह हू 'अज़मतों रिफ़'अतों के निशाँ तेरे हैं ऐ ख़ुदा ! ये ज़मीं आसमाँ तेरे हैं मालिक-ए-दो-जहाँ ! इंस-ओ-जाँ तेरे हैं तू हमारा है और तेरे हम अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू दम-ब-दम अल्लाह हू हर जगह हर घड़ी हर क़दम अल्लाह हू उस की क़ुदरत किरन दर किरन दर किरन उस की नकहत चमन दर चमन दर चमन उस की मिदहत पवन दर पवन दर पवन लिख, उजागर ! क़लम ब-क़लम अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू दम-ब-दम अल्लाह हू हर जगह हर घड़ी हर क़दम अल्लाह हू शायर: अल्लामा निसार अली उजागर ना'त-ख़्वाँ: ओवैस रज़ा क़ादरी allah hoo ...