या शाह-ए-उमम इक नज़र-ए-करम / Ya Shah-e-Umam Ik Nazar-e-Karam
या शाह-ए-उमम ! इक नज़र-ए-करम मोरी लाज तुम्हारे हाथ, सरकार ! मोरी नय्या लगा दो अपने करम से पार सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं ! सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं ! टूटी हुई आस हूँ मैं, दुख से भरा दिल है मेरा नज़र-ए-करम बहर-ए-ख़ुदा, कोई नहीं तेरे सिवा सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं ! सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं ! ग़मख़्वार-ए-जहाँ तस्कीन-ए-जाँ ! इक शब तो मुझे भी हो दीदार मोरी नय्या लगा दो अपने करम से पार या शाह-ए-उमम ! इक नज़र-ए-करम मोरी लाज तुम्हारे हाथ, सरकार ! मोरी नय्या लगा दो अपने करम से पार बाग़-ए-इरम शहर तेरा, जिस की हवा मुश्क-ए-ख़ुतन नाम तेरा सल्ले-'अला, रूह-ए-बयाँ, जान-ए-सुख़न सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं ! सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं ! हों दूर मेरे सब रंज-ओ-अलम फिर आऊँ मदीने में इक बार मोरी नय्या लगा दो अपने करम से पार या शाह-ए-उमम ! इक नज़र-ए-करम मोरी लाज तुम्हारे हाथ, सरकार ! मोरी नय्या लगा दो अपने करम से पार 'आसी हूँ मैं, बिगड़े नसीब, रख लो भरम, रब के हबीब ! रूह-ए-अदब, जान-ए-अदीब, तुम ही तो हो सब के तबीब सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मुर्सलीं ! सल्लल्लाह सय्यिद-उल-मु...