ये दिल भी हुसैनी है ये जाँ भी हुसैनी है / Ye Dil Bhi Hussaini Hai Ye Jaan Bhi Hussaini Hai
ये दिल भी हुसैनी है, ये जाँ भी हुसैनी है सद-शुक्र कि अपना तो ईमाँ भी हुसैनी है तू माने या न माने, अपना तो 'अक़ीदा है हर क़ारी के होंटों पर क़ुरआँ भी हुसैनी है रौनक़ है मसाजिद में शब्बीर के सदक़े से मिम्बर भी हुसैनी है, आज़ाँ भी हुसैनी है जिब्रील झुलाता है हसनैन के झूले को लगता है कि आक़ा का दरबाँ भी हुसैनी है गिरने नहीं देता है काँधों से नवासों को क्या ख़ूब कि नबियों का सुल्ताँ भी हुसैनी है धड़कन की नगरिया में देखा तो नज़र आया हसरत भी हुसैनी है, अरमाँ भी हुसैनी है तुम समझो या न समझो, ऐ अहल-ए-जहाँ ! लेकिन है लब पे जो हाकिम के ये बयाँ भी हुसैनी है शायर: अहमद अली हाकिम ना'त-ख़्वाँ: मीलाद रज़ा क़ादरी अहमद अली हाकिम हसन बिन ख़ुर्शीद ye dil bhi husaini hai, ye jaa.n bhi husaini hai sad-shukr ki apna to imaa.n bhi husaini hai tu maane ya na maane, apna to 'aqeeda hai har qaari ke honto.n par qur.aa.n bhi husaini hai raunaq hai masaajid me.n shabbir ke sadqe se mimbar bhi husaini hai, aazaa.n bhi husaini hai jibreel jhulaata hai hasnain ke jhoole ko ...