मेरी नस्लों का नारा है मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े / Meri Naslon Ka Nara Hai Main Ghaus-e-Pak Ke Sadqe
शाहबाज़-ए-ला-मकानी ! क़िंदील-ए-नूरानी ! मैं ग़ौस का दीवाना हूँ, मैं ग़ौस का मस्ताना हूँ मेरी नस्लों का ना'रा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े यही मेरा 'अक़ीदा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े मेरी नस्लों का ना'रा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े फ़ज़ाएँ भी महकती हैं जो चूमें ग़ौस का रौज़ा वो गुंबद क्या महकता है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े मेरी नस्लों का ना'रा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े मैं ग़ौस का दीवाना हूँ, मैं ग़ौस का मस्ताना हूँ यहाँ भी ग़ौस-ए-आ'ज़म का, वहाँ भी ग़ौस-ए-आ'ज़म का फ़क़त उन से ही रिश्ता है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े मेरी नस्लों का ना'रा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े जो सदमा ग़म का लगता है "करम या ग़ौस" कहता हूँ मेरी माँ ने सिखाया है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े मेरी नस्लों का ना'रा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े मैं ग़ौस का दीवाना हूँ, मैं ग़ौस का मस्ताना हूँ मेरी है दोस्ती उन से जो 'आशिक़ ग़ौस-ए-आ'ज़म के ज़बाँ पे जिन के रहता है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े मेरी नस्लों का ना'रा है, मैं ग़ौस-ए-पाक के सदक़े वसीला ग़ौस का माँगो, दुआएँ रद नहीं होती ख़ुदा को ग़ौस प्यारा है, मैं ग़ौ...