ख़ूबसूरत कली होती हैं बेटियाँ / Khoobsurat Kali Hoti Hain Betiyan
ख़ूबसूरत कली होती हैं बेटियाँ कैसी अच्छी भली होती हैं बेटियाँ अपने माँ-बाप की शान हैं, आन हैं ऐसी दिल की कली होती हैं बेटियाँ देख वालिद को वो मुस्कुराती रहें वालिदा को भी हर पल हँसाती रहें घर में गुलशन बनी होती हैं बेटियाँ ख़ूबसूरत कली होती हैं बेटियाँ घर की 'इज़्ज़त हैं वो और बरकत हैं वो रब की रहमत हैं वो, घर की 'अज़मत हैं वो सब के दिल में सजी होती हैं बेटियाँ ख़ूबसूरत कली होती हैं बेटियाँ माँ की शफ़क़त में रहती हैं हर पल मगन घर को रखती हैं अपने वो हर पल चमन कितनी दिल की हसीं होती हैं बेटियाँ ख़ूबसूरत कली होती हैं बेटियाँ खिलखिलाती हैं माँ-बाप के साए में हाँ वो रखती हैं माँ-बाप की राए में ऐसी उन की सगी होती हैं बेटियाँ ख़ूबसूरत कली होती हैं बेटियाँ मत सताओ उन्हें, कितनी मा'सूम हैं न ख़ुशी से तुम्हारी वो मग़्मूम हैं ऐसी नाज़ुक कली होती हैं बेटियाँ ख़ूबसूरत कली होती हैं बेटियाँ शायर: अब्दुल क़य्यूम हमदम नशीद-ख़्वाँ: यास्मीन ख़ान KHoobsoorat kali hoti hai.n beTiyaa.n kaisi achchhi bhali hoti hai.n beTiyaa.n apne maa.n-baap ki shaan hai.n, aan hai....