शाह-ए-कर्ब-ओ-बला ले लो ले लो सलाम अब हमारा / Shah-e-Karb-o-bala Lelo Lelo Salam Ab Hamara
या हुसैन अस्सलाम ! या हुसैन अस्सलाम ! या हुसैन अस्सलाम ! या हुसैन अस्सलाम ! शाह-ए-कर्ब-ओ-बला ! ले लो ले लो सलाम अब हमारा इब्न-ए-मुश्किल-कुशा ! ले लो ले लो सलाम अब हमारा मौला 'अली के हो नूर-ए-नज़र और फ़ातिमा के हो लख़्त-ए-जिगर सिब्त-ए-ख़ैर-उल-वरा ! ले लो ले लो सलाम अब हमारा शाह-ए-कर्ब-ओ-बला ! ले लो ले लो सलाम अब हमारा इब्न-ए-मुश्किल-कुशा ! ले लो ले लो सलाम अब हमारा भाई, भतीजे, भांजे भी सब हो गए निसार हर ला'ल-ए-बे-बहा को हमारा सलाम हो असग़र की नन्हीं जान पे लाखों दुरूद हों मज़्लूम-ओ-बे-ख़ता को हमारा सलाम हो क़ुर्बां किया सारे घर-बार को, राज़ी किया रब्ब-ए-ग़फ़्फ़ार को शान-ए-सब्र-ओ-रज़ा ! ले लो ले लो सलाम अब हमारा शाह-ए-कर्ब-ओ-बला ! ले लो ले लो सलाम अब हमारा इब्न-ए-मुश्किल-कुशा ! ले लो ले लो सलाम अब हमारा 'अब्बास-ए-नामदार हैं ज़ख़्मों से चूर चूर उस पैकर-ए-रिज़ा को हमारा सलाम हो अकबर से नौजवान भी रन में हुए शहीद हम-शक्ल-ए-मुस्तफ़ा को हमारा सलाम हो हैराँ किया बच्चों की प्यास ने, बाज़ू कटा डाले 'अब्बास ने दरिया कहने लगा, ले लो ले लो सलाम अब हमारा शाह-ए-कर्ब-ओ-बला ! ले लो ...