अगरचे कोई नहीं है हुज़ूर आप तो हैं / Agarche Koi Nahin Hai Huzoor Aap To Hain
अगरचे कोई नहीं है, हुज़ूर ! आप तो हैं ये मेरा पुख़्ता यक़ीं है, हुज़ूर ! आप तो हैं सुना जो शोर यहाँ पर कोई किसी का नहीं सदा-ए-क़ल्ब-ए-हज़ीं है, हुज़ूर ! आप तो हैं मैं हिज्र-ए-तयबा में रोया हूँ जब भी रातों में लगा है आप यहीं हैं, हुज़ूर ! आप तो हैं ग़मों के बा'द भी ज़िंदा हूँ, दिल सलामत है कि दिल में आप मकीं हैं, हुज़ूर ! आप तो हैं मेरा सुकून, मेरा चैन और मेरा दिल जहाँ हैं आप वहीं हैं, हुज़ूर ! आप तो हैं मिटाने आए थे मुझ को, वो मिट गए सारे ये मेरी फ़त्ह-ए-मुबीं है, हुज़ूर ! आप तो हैं मरा है ऐसे शबाहत मदीने में जा कर क़रीब-ए-रौज़ा जबीं है, हुज़ूर ! आप तो हैं शायर: सय्यिद शबाहत हुसैन ना'त-ख़्वाँ: ज़ोहैब अशरफ़ी agarche koi nahi.n hai, huzoor ! aap to hai.n ye mera puKHta yaqee.n hai, huzoor ! aap to hai.n suna jo shor yahaa.n par koi kisi ka nahi.n sada-e-qalb-e-hazee.n hai, huzoor ! aap to hai.n mai.n hijr-e-tayba me.n roya hu.n jab bhi raato.n me.n laga hai aap yahi.n hai.n, huzoor ! aap to hai.n Gamo.n ke baa'd bhi zinda hu.n, dil salaamat hai ki dil...