वही फ़ातिमा है वही फ़ातिमा है / Wahi Fatima Hai Wahi Fatima Hai
नबी ने जिसे दिल का टुकड़ा कहा है वही फ़ातिमा है, वही फ़ातिमा है ज़माना कहाँ उस का समझेगा रुत्बा खड़े जिस की आमद पे होते थे आक़ा लक़ब जिस को ख़ातून-ए-जन्नत मिला है वही फ़ातिमा है, वही फ़ातिमा है उसी से सियादत के महके चमन हैं उसी के तो बेटे हुसैन-ओ-हसन हैं कि शौहर भी जिस का वो शेर-ए-ख़ुदा है वही फ़ातिमा है, वही फ़ातिमा है किया ज़िक्र पर्दे का जब फ़ातिमा ने तो ख़ुद रूह उस की निकाली ख़ुदा ने अँधेरे में जिस का जनाज़ा उठा है वही फ़ातिमा है, वही फ़ातिमा है किसी से शिकायत न होंटों पे शिकवे हुए जितने फ़ाक़े, किए उतने सज्दे वो जिस ने फ़क़ीरों को फिर भी दिया है वही फ़ातिमा है, वही फ़ातिमा है जो सरदार है जन्नती औरतों की उसी से है 'इज़्ज़त हमारे घरों की ज़फ़र बज़्मी ! हर बेटी जिस पर फ़िदा है वही फ़ातिमा है, वही फ़ातिमा है शायर: ज़फ़र बज़्मी ना'त-ख़्वाँ: इस्लाम बरकाती nabi ne jise dil ka Tuk.Da kaha hai wahi faatima hai, wahi faatima hai zamaana kahaa.n us ka samjhega rutba kha.De jis ki aamad pe hote the aaqa laqab jis ko KHaatoon-e-jannat mila hai wahi faatima hai, wahi faa...