ईमान ख़ुदा ने हमको दिया सरकार की आमद के सदक़े / Imaan Khuda Ne Hamko Diya Sarkaar Ki Aamad Ke Sadqe
आये आये सरकारे-मदीना
लाये लाये अनवारे-मदीना
मरहबा, मरहबा, मरहबा या मुस्तफ़ा
मरहबा, मरहबा, मरहबा या मुस्तफ़ा
ईमान ख़ुदा ने हमको दिया सरकार की आमद के सदक़े
जो कुछ भी मिला हमको तो मिला सरकार की आमद के सदक़े
ईमान ख़ुदा ने हमको दिया सरकार की आमद के सदक़े
जो कुछ भी मिला हमको तो मिला सरकार की आमद के सदक़े
लाये लाये अनवारे-मदीना
मरहबा, मरहबा, मरहबा या मुस्तफ़ा
मरहबा, मरहबा, मरहबा या मुस्तफ़ा
जो कुछ भी मिला हमको तो मिला सरकार की आमद के सदक़े
सरकार की आमद मरहबा
सरदार की आमद मरहबा
सालार की आमद मरहबा
रसूल की आमद मरहबा
बशीर की आमद मरहबा
रऊफ़ की आमद मरहबा
करीम की आमद मरहबा
ईमान ख़ुदा ने हमको दिया सरकार की आमद के सदक़े
जो कुछ भी मिला हमको तो मिला सरकार की आमद के सदक़े
दुख-दर्द में डूबी थी दुनिया, सुख-चैन का सावन सूखा था
फिर प्यार का सावन बरस गया सरकार की आमद के सदक़े
ईमान ख़ुदा ने हमको दिया सरकार की आमद के सदक़े
जो कुछ भी मिला हमको तो मिला सरकार की आमद के सदक़े
सरकार की आमद मरहबा
सरदार की आमद मरहबा
सालार की आमद मरहबा
रसूल की आमद मरहबा
बशीर की आमद मरहबा
रऊफ़ की आमद मरहबा
करीम की आमद मरहबा
ईमान ख़ुदा ने हमको दिया सरकार की आमद के सदक़े
जो कुछ भी मिला हमको तो मिला सरकार की आमद के सदक़े
ये सांस की जितनी डोरें हैं और धकधक दिल की धड़कन है
है चैन से दुनिया में जीना सरकार की आमद के सदक़े
ईमान ख़ुदा ने हमको दिया सरकार की आमद के सदक़े
जो कुछ भी मिला हमको तो मिला सरकार की आमद के सदक़े
सरकार की आमद मरहबा
सरदार की आमद मरहबा
सालार की आमद मरहबा
रसूल की आमद मरहबा
बशीर की आमद मरहबा
रऊफ़ की आमद मरहबा
करीम की आमद मरहबा
ईमान ख़ुदा ने हमको दिया सरकार की आमद के सदक़े
जो कुछ भी मिला हमको तो मिला सरकार की आमद के सदक़े
आँखें होती थी अंधे थे और कान के होते बेहरे थे
हक़ देखा, जाना और सुना सरकार की आमद के सदक़े
ईमान ख़ुदा ने हमको दिया सरकार की आमद के सदक़े
जो कुछ भी मिला हमको तो मिला सरकार की आमद के सदक़े
सरकार की आमद मरहबा
सरदार की आमद मरहबा
सालार की आमद मरहबा
रसूल की आमद मरहबा
बशीर की आमद मरहबा
रऊफ़ की आमद मरहबा
करीम की आमद मरहबा
ईमान ख़ुदा ने हमको दिया सरकार की आमद के सदक़े
जो कुछ भी मिला हमको तो मिला सरकार की आमद के सदक़े
देखो तो मुनव्वर दुनिया का है आज मुनव्वर हर ज़र्रा
रंगो से सजा गोशा गोशा सरकार की आमद के सदक़े
ईमान ख़ुदा ने हमको दिया सरकार की आमद के सदक़े
जो कुछ भी मिला हमको तो मिला सरकार की आमद के सदक़े
सरकार की आमद मरहबा
सरदार की आमद मरहबा
सालार की आमद मरहबा
रसूल की आमद मरहबा
बशीर की आमद मरहबा
रऊफ़ की आमद मरहबा
करीम की आमद मरहबा
जो कुछ भी मिला हमको तो मिला सरकार की आमद के सदक़े
आये आये सरकारे-मदीना
लाये लाये अनवारे-मदीना
मरहबा, मरहबा, मरहबा या मुस्तफ़ा
मरहबा, मरहबा, मरहबा या मुस्तफ़ा
नातख्वां:
हाजी बिलाल रज़ा क़ादरी अत्तारी
लाये लाये अनवारे-मदीना
मरहबा, मरहबा, मरहबा या मुस्तफ़ा
मरहबा, मरहबा, मरहबा या मुस्तफ़ा
नातख्वां:
हाजी बिलाल रज़ा क़ादरी अत्तारी
Subhanallah - Allah Aap ko khub Barkat Ata farmaye
ReplyDeleteAameen...
DeleteMashaallah
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