मिल गई ऐसी ज़िया है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से / Mil Gai Aisi Ziya Hai, Ghaus-e-Aazam ! Aap Se
मिल गई ऐसी ज़िया है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
दिल मेरा रौशन हुवा है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
मिल गई ऐसी ज़िया है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
जान-ओ-दिल क़ुर्बान कर देना नबी के नाम पर
हमने तो ये ही पढ़ा है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
मिल गई ऐसी ज़िया है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
कर दिया सब कुछ अता हम को ख़ुदा के फ़ज़्ल से
क्या नहीं हम को मिला है ! ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
मिल गई ऐसी ज़िया है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
आप की चश्म-ए-तवज्जोह ही का ये तो फ़ैज़ है
भर गया दामन मेरा है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
मिल गई ऐसी ज़िया है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
दफ़अ'तन ही सारे आलाम-ओ-मसाइब मिट गए
हाल अपना जब कहा है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
मिल गई ऐसी ज़िया है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
मेरा, अकरम ! नाम जो सब की ज़ुबाँ पर आज है
ये लक़ब मुझ को मिला है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
मिल गई ऐसी ज़िया है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
नातख्वां:
सय्यिद अहमद सोहरवर्दी
दिल मेरा रौशन हुवा है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
मिल गई ऐसी ज़िया है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
जान-ओ-दिल क़ुर्बान कर देना नबी के नाम पर
हमने तो ये ही पढ़ा है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
मिल गई ऐसी ज़िया है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
कर दिया सब कुछ अता हम को ख़ुदा के फ़ज़्ल से
क्या नहीं हम को मिला है ! ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
मिल गई ऐसी ज़िया है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
आप की चश्म-ए-तवज्जोह ही का ये तो फ़ैज़ है
भर गया दामन मेरा है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
मिल गई ऐसी ज़िया है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
दफ़अ'तन ही सारे आलाम-ओ-मसाइब मिट गए
हाल अपना जब कहा है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
मिल गई ऐसी ज़िया है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
मेरा, अकरम ! नाम जो सब की ज़ुबाँ पर आज है
ये लक़ब मुझ को मिला है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
मिल गई ऐसी ज़िया है, ग़ौस-ए-आज़म ! आप से
नातख्वां:
सय्यिद अहमद सोहरवर्दी
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