मिझा पीर ने पेशवा ग़ौस-ए-आज़म / Mijha Peer Ne Peshwa Ghaus-e-Azam
मिझा पीर ने पेशवा, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! मिझा रहबर-ओ-रहनुमा, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! करम, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! 'अता, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! डियो हाज़री जी रजा, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! मिके हाणे बग़दाद बरकायो, मुर्शिद ! घणा वर अचे थी विया, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! 'इबादत, रियाज़त, तिलावत, सख़ावत घणी करना वा, मरहबा ! ग़ौस-ए-आ'ज़म मिझे ग़ौस जी ताँ कुरो घाल करनी बधे औलिया जा वडा ग़ौस-ए-आ'ज़म क़दम गर्दनें ते बधे औलिया जी फ़क़त आईं जो आई, या ग़ौस-ए-आ'ज़म ! ख़ुदा ने नबी रहन राज़ी हमेशा मिझे हक़ में कर जा दु'आ, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! फ़ना थी विनाँ 'इश्क़ में आईं जे, काश ! थिए ऐढ़ी ने'मत 'अता, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! करम ऐढ़ो थे थीन दीदार, मुर्शिद ! मिके ख़्वाब में आईं जा, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! गुनाहें जी 'आदत विने ऐढ़ी कर जा ख़ुदा-रा ख़ुदा से दु'आ, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! वसीलो शहीदान-ए-कर्ब-ओ-बला जो बलायों करो दूर, या ग़ौस-ए-आ'ज़म ! जडे बाग़-ए-जन्नत में, मुर्शिद ! विनो आईं मिके एकलौ छड जा ना, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! ख़ुदा सेहत-ओ-'आफ़ियत से नवाज़े करोना दु'आ-ए-शिफ़ा, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! गुनहगार 'अत्तार के बख़...