शाहे-जीलां, पीरे-पीरां, मीरे-मीरां / Shah e Jilan, Pir e Piran, Mir e Miran

शाहे-जीलां, पीरे-पीरां, मीरे-मीरां
शाहे-जीलां, पीरे-पीरां, मीरे-मीरां

त़लब का मुंह तो किस क़ाबिल है या ग़ौस
मगर तेरा करम कामिल है या ग़ौस

शाहे-जीलां, पीरे-पीरां, मीरे-मीरां

दुहाई या मुह़िय्युद्दीं दुहाई
बला इस्लाम पर नाज़िल है या ग़ौस

शाहे-जीलां, पीरे-पीरां, मीरे-मीरां

अज़ूमन क़ातिलन इ़न्दल-क़ितालि
मदद को आ दमे बिस्मिल है या ग़ौस

शाहे-जीलां, पीरे-पीरां, मीरे-मीरां

ख़ुदारा नाख़ुदा आ दे सहारा
हवा बिगड़ी भंवर ह़ाइल है या ग़ौस

शाहे-जीलां, पीरे-पीरां, मीरे-मीरां

तेरा वक़्त और पड़े यूं दीन पर वक़्त
न तू अ़ाजिज़ न तू ग़ाफ़िल है या ग़ौस

शाहे-जीलां, पीरे-पीरां, मीरे-मीरां

रही हां शामते आ’माल येह भी
जो तू चाहे अभी ज़ाइल है या ग़ौस

शाहे-जीलां, पीरे-पीरां, मीरे-मीरां

ग़यूरा ! अपनी ग़ैरत का तसदुक
वोही कर जो तेरे क़ाबिल है या ग़ौस

शाहे-जीलां, पीरे-पीरां, मीरे-मीरां

ख़ुदारा मर्‌हमे ख़ाके क़दम दे
जिगर ज़ख़्मी है दिल घाइल है या ग़ौस

शाहे-जीलां, पीरे-पीरां, मीरे-मीरां

तेरे बाबा का फिर तेरा करम है
येह मुंह वरना किसी क़ाबिल है या ग़ौस

शाहे-जीलां, पीरे-पीरां, मीरे-मीरां

भरन वाले तेरा झाला तो झाला
तेरा छींटा मेरा ग़ासिल है या ग़ौस

शाहे-जीलां, पीरे-पीरां, मीरे-मीरां

रज़ा का ख़ातिमा बिलख़ैर होगा
तेरी रह़मत अगर शामिल है या ग़ौस

शाहे-जीलां, पीरे-पीरां, मीरे-मीरां

शायर:
अहमद रज़ा खान

नातख्वां:
ओवैस रज़ा क़ादरी

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