मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का / Madine Ki Angoothi Hai, Nageena Ghaus-e-Aazam Ka
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
जहाँ में बटता है हर-सू ख़ज़ीना ग़ौस-ए-आज़म का
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
'मुरीदी ला-तख़फ़' की दी तसल्ली हम ग़ुलामों को
डूबो सकता नहीं तूफ़ाँ सफ़ीना ग़ौस-ए-आज़म का
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
वसीला क़ुर्ब-ए-रब का है मुहम्मद मुस्तफ़ा बे-शक !
मुहम्मद तक पहुँचने का है ज़ीना ग़ौस-ए-आज़म का
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
न जाने किस बिना पर मुश्क-ओ-अंबर फ़ख़्र करते हैं
ज़रा सुँघवाओ उन सब को पसीना ग़ौस-ए-आज़म का
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
क़दम मेरा सभी वलियों की गर्दन पर, ये फ़रमाया
क़दम ये है तो कैसा होगा सीना ग़ौस-ए-आज़म का
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
हमारी ज़िंदगी भी ख़िदमत-ए-मख़्लूक़ में गुज़रे
इलाही ! कर अता हम को क़रीना ग़ौस-ए-आज़म का
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
सर-ए-महशर पुकारा जाएगा यूँ नाम नज़्मी का
ये नज़्मी कौन है ? हाँ हाँ वही ना ! ग़ौस-ए-आज़म का !
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
शायर:
नज़्मी मियाँ
जहाँ में बटता है हर-सू ख़ज़ीना ग़ौस-ए-आज़म का
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
'मुरीदी ला-तख़फ़' की दी तसल्ली हम ग़ुलामों को
डूबो सकता नहीं तूफ़ाँ सफ़ीना ग़ौस-ए-आज़म का
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
वसीला क़ुर्ब-ए-रब का है मुहम्मद मुस्तफ़ा बे-शक !
मुहम्मद तक पहुँचने का है ज़ीना ग़ौस-ए-आज़म का
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
न जाने किस बिना पर मुश्क-ओ-अंबर फ़ख़्र करते हैं
ज़रा सुँघवाओ उन सब को पसीना ग़ौस-ए-आज़म का
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
क़दम मेरा सभी वलियों की गर्दन पर, ये फ़रमाया
क़दम ये है तो कैसा होगा सीना ग़ौस-ए-आज़म का
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
हमारी ज़िंदगी भी ख़िदमत-ए-मख़्लूक़ में गुज़रे
इलाही ! कर अता हम को क़रीना ग़ौस-ए-आज़म का
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
सर-ए-महशर पुकारा जाएगा यूँ नाम नज़्मी का
ये नज़्मी कौन है ? हाँ हाँ वही ना ! ग़ौस-ए-आज़म का !
मदीने की अँगूठी है, नगीना ग़ौस-ए-आज़म का
शायर:
नज़्मी मियाँ
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