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आज बधावा पिया घर आए | ज़ोहैब अशरफ़ी / Aaj Badhawa Piya Ghar Aaye | Zohaib Ashrafi

पीराँ हो पीराँ ! पीराँ हो पीराँ ! पीराँ हो पीराँ ! पीराँ हो पीराँ ! गूँधाे, री मालन ! फूलों का सेहरा आज बधावा पिया घर आए, पिया घर आए, गूँधाे गूँधाे कुल 'आलम में धूम मची है यहाँ शाह-ए-जीलाँ की शादी रची है यहाँ पीर-ए-पीराँ की शादी रची है ऐसे पिया के मैं वारी, बलिहारी जाऊँ आज बधावा गूँधाे, री मालन ! फूलों का सेहरा आज बधावा पिया घर आए, पिया घर आए, गूँधाे गूँधाे एक पिया, सारा 'आलम सुहागन ऐसे पिया के मैं वारी, बलिहारी जाऊँ ऐसे बन्ने के मैं वारी, बलिहारी जाऊँ आज बधावा गूँधाे री मालन फूलों का सेहरा आज बधावा पिया घर आए, पिया घर आए, गूँधाे गूँधाे वो तशरीफ़ लाए, ये उन का करम है वो आए, वो आए, वो आए, वो आए वो तशरीफ़ लाए, ये उन का करम है ये घर था कहाँ उन के आने के क़ाबिल आज बधावा पिया घर आए, मोरे साईं घर आए, मोरे पिया घर आए आज बधावा गूँधाे री मालन फूलों का सेहरा आज बधावा पिया घर आए, पिया घर आए, गूँधाे गूँधाे उसे भी गले से लगाते हैं मीराँ जो होता नहीं मुँह लगाने के क़ाबिल आज बधावा गूँधाे री मालन फूलों का सेहरा आज बधावा पिया घर आए, पिया घर आए, गूँधाे गूँधाे पीर...

मोरे अंगना मोईनुद्दीन आयो री | मोरे अंगना मोईनुद्दीन आयो रे / More Angna Moinuddin Aayo Ri | More Angna Moinuddin Aayo Re

मोरे अंगना मो'ईनुद्दीन आयो री मोरे अंगना मो'ईनुद्दीन आयो री ख़्वाजा पिया हैं जग उजियारे आल-ए-नबी, ज़हरा के दुलारे जान-ए-'अली हैं ख़्वाजा, इब्न-ए-सख़ी हैं मोरे अंगना मो'ईनुद्दीन आयो री मोरे अंगना मो'ईनुद्दीन आयो री आज मोरे घर धूम मची है ख़्वाजा पिया की शादी रची है दूल्हा बने हैं ख़्वाजा-उस्माँ के प्यारे मोरे अंगना मो'ईनुद्दीन आयो री मोरे अंगना मो'ईनुद्दीन आयो री ख़्वाजा क़ुतुब हैं आज यहाँ पर झूम रहे हैं सारे क़लंदर बाबा फ़रीद भी आए हुए हैं मोरे अंगना मो'ईनुद्दीन आयो री मोरे अंगना मो'ईनुद्दीन आयो री मन में ख़ुशी के फूल खिले हैं आज मोहे मोरे ख़्वाजा मिले हैं ख़ुशियाँ मनाओ, सखियो ! झूम के गाओ मोरे अंगना मो'ईनुद्दीन आयो री मोरे अंगना मो'ईनुद्दीन आयो री सोने का दियारा मैं चौमुख बारूँ अपने ख़्वाजा के मैं तन मन वारूँ आयो री आयो, मोरे भाग जगायो मोरे अंगना मो'ईनुद्दीन आयो री मोरे अंगना मो'ईनुद्दीन आयो री ना'त-ख़्वाँ: अमजद साबरी साजिद क़ादरी more angna mo'inuddin aayo ri more angna mo'inuddin aayo ri KHwaja...

छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैनाँ मिलाय के / Chhaap Tilak Sab Chheeni Re Mose Nainaan Milaay Ke

तन मन धन बाजी लागी रे धन धन मोरे भाग बाजी लागी रे लागी लागी सब कहें, लागी लगी न अंग लागी तो जब जानिए, जब रहे गुरू के संग ख़ुसरौ ! रैन सुहाग की जागी पी के संग तन मेरो, मन पीउ को, दोउ भए एक रंग ख़ुसरौ ! बाजी प्रेम की मैं खेलूँ पी के संग जीत गयी तो पिया मोरे, हारी पी के संग छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैनाँ मिलाय के बात अगम कह दीन्हीं रे मोसे नैनाँ मिलाय के बल-बल जाऊँ मैं तोरे रंग-रेजवा अपनी सी रंग दीन्हीं रे मोसे नैनाँ मिलाय के प्रेम-भटी का मदवा पिलाय के मतवारी कर दीन्हीं रे मोसे नैनाँ मिलाय के गोरी गोरी बइयाँ, हरी हरी चूड़ियाँ बइयाँ पकड़ हर लीन्हीं रे मोसे नैनाँ मिलाय के ख़ुसरौ ! निजाम के बल-बल जइए मोहे सुहागन कीन्हीं रे मोसे नैनाँ मिलाय के शायर: अमीर ख़ुसरौ ना'त-ख़्वाँ: फरीद अयाज़ ओवैस रज़ा क़ादरी डॉ. निसार अहमद मार्फ़ानी tan man dhan baaji laagi re dhan dhan more bhaag baaji laagi re laagi laagi sab kahe.n, laagi lagi na ang laagi to jab jaaniye, jab rahe guru ke sang KHusrau ! rain suhaag ki jaagi pee ke sang tan mero, man peeu ko, do...

पिया ग़ौस-ए-आज़म पिया ग़ौस-ए-आज़म / Piya Ghaus-e-Azam Piya Ghaus-e-Azam

पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! है तुम पर निछावर जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ! पास आ के, सूरतिया दिखा के गए मोरे मन माँ समा, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! है तुम पर निछावर जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! न रुठियो जी मो से, ई बिनती है तो से सदा मो पे कीजो दया, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! है तुम पर निछावर जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! जो पकड़े हैं बैयाँ, निभाना भी सैयाँ पड़ूँ तोरे पैयाँ, पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! है तुम पर निछावर जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! न बंधन ये टूटे, न साथ अब ये छूटे मोरी लाज रखियो सदा, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! है तुम पर निछावर जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! है लागी नजरिया जो तो से सँवरिया न लागे कहीं अब जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! है तुम पर निछावर जिया, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! मोरी टूटी नैया के तुम हो खिवैया चलेगी न तुमरे बिना, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! पिया ग़ौस-ए-आ'ज़म ! ...

कोटि कोटि प्रणाम नत मस्तक सकल प्रजाजनम / Koti Koti Pranaam Nat Mastak Sakal Prajaajanam

कोटि कोटि प्रणाम नत मस्तक सकल प्रजाजनम हे दीन बन्धु दया-निधि, अभिनन्दनम, सुस्वागतम शाह-ए-उमम ! शाह-ए-उमम ! आत्मा निर्मल, अधर मधु, देह कुंदन कन्चनम चन्द्र-मुख, रत्नार मणि, मानिक नयन, पद पंकजम शाह-ए-उमम ! शाह-ए-उमम ! स्वर मनोहर शीतलम, छवि मोहनी, प्रिय दर्शनम दानी, परम महावीर अरु करुणानिधि, पुरुषोत्तम शाह-ए-उमम ! शाह-ए-उमम ! जन्म तिथि द्वादश रबीउल अव्वलम शुभ मंगलम प्रतिभा अद्भुत अलौकिक, प्रतिमा अति सुंदरम शाह-ए-उमम ! शाह-ए-उमम ! तीर्थ-रूपम, स्वर्गसम, मक्कानगर अति पावनम पुण्य बिन्दु सुशोभितम अरु आदि ज्योति जन्मस्थलम शाह-ए-उमम ! शाह-ए-उमम ! नीति सर्जक, धर्म रक्षक, न्याय-वर्धक सत्यम चक्रवर्ती, कर्म-योगी, युग पुरुष अभिनन्दनम शाह-ए-उमम ! शाह-ए-उमम ! आमिना अति पावनी, जननी अहो सौभाग्यम पितृ अब्दुल्लाह प्रतापी, गुणी, महा महोपाध्यम शाह-ए-उमम ! शाह-ए-उमम ! चतुर्भुज सिद्दीक़-ओ-फ़ारूक़-ओ-ग़नी अरु हैदरम फ़ातिमा प्रिय दर्शनी, हसनैन सत्य कुटुम्बकम शाह-ए-उमम ! शाह-ए-उमम ! सर्वजन आराध्य प्रिय तयबा नगर सुवसाहतम सूर्य जिम कण कण प्रकाशित चिर मनोहर मंगलम शाह-ए-उमम ! शाह-ए-उमम ! विश्वव्यापी, जग प्रतापी, सकल जन मनम...

चर्चा है तेरा आँगन आँगन, या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन / Charcha Hai Tera Aangan Aangan, Ya Khwaja Moinuddin Hasan

ख़्वाजा पिया, ख़्वाजा पिया ख़्वाजा पिया, ख़्वाजा पिया ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा, ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन, या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन, या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन चर्चा है तेरा आँगन आँगन, या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन ख़ुश्बू है तेरी गुलशन गुलशन, या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन मेरे ख़्वाजा... या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन, या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन, या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन ऐ आले नबी, औलादे-अली, निस्बत भी तेरी महकी महकी है फैज़ तेरा चंदन चंदन, या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन मेरे ख़्वाजा... या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन, या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन, या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन तू जिसको अता कर देता है, वो सारे जहां को देता है भर देता है वो दामन दामन, या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन मेरे ख़्वाजा... या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन, या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन, या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन छाई हैं घटाएं रहमत की, पड़ती हैं फुवाएं चाहत की है याद तेरी सावन सावन, या ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन मेरे ख़्वाजा... हम दर पे त...

सुन तयबा नगर के महाराजा, फ़रियाद मोरे इन असुवन की / Sun Tayba Nagar Ke Maharaja, Fariyaad More In Asuwan Ki

सुन तयबा नगर के महाराजा, फ़रियाद मोरे इन असुवन की मोरे नैन दुखी हैं सुख-दाता, दे भीख इन्हें अब दर्शन की सुन तयबा नगर के महाराजा, फ़रियाद मोरे इन असुवन की जब रुत हो सुहानी सावन की, तब मुझ को बुला मोरे प्यारे नबी! बागन में तोरे जुल्वा जूलूं, मैं बन के सहेली हूरन की सुन तयबा नगर के महाराजा, फ़रियाद मोरे इन असुवन की जब तोरी डगर मैं पाउँगी, तोरे सपनों में खो जाऊंगी तोरा रूप रचूंगी नैनन में, सुख छैयां में बैठ खजूरन की सुन तयबा नगर के महाराजा, फ़रियाद मोरे इन असुवन की मिल जाए अगर दरबार तेरो, पलकन से बुहारूं द्वार तेरो मैं मुख से मलूँ, नैनन में रचूं, जो धुल मिले तोरे आँगन की सुन तयबा नगर के महाराजा, फ़रियाद मोरे इन असुवन की तोरे रूप की ज्योत से दो जग में, क्या जल जल जल उजियारो है तोरे केश बदरवा रेहमत के, क्या रचना रचूं तोरे नैनन की सुन तयबा नगर के महाराजा, फ़रियाद मोरे इन असुवन की इस शौक़ पे मेहर हो प्यारे नबी, मिल जाए सुनहरी झाली तेरी तोरे गुम्बद की हरियाली हो, तब प्यास बुझे इन अखियन की सुन तयबा नगर के महाराजा, फ़रियाद मोरे इन असुवन की नातख्वां: हाजी तस्ल...

ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल दुराय नैनाँ बनाए बतियाँ / Ze-Haal-e-Miskin Makun Taghaful Durae Nainan Banae Batiyan

ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल दुराय नैनाँ बनाए बतियाँ कि ताब-ए-हिज्राँ नदारम ऐ जाँ न लेहू काहे लगाए छतियाँ शबान-ए-हिज्राँ दराज़ चूँ ज़ुल्फ़ ओ रोज़-ए-वसलत चूँ उम्र-ए-कोताह सखी पिया को जो मैं न देखूँ तो कैसे काटूँ अँधेरी रतियाँ यकायक अज़ दिल दो चश्म जादू ब-सद-फ़रेबम ब-बुर्द तस्कीं किसे पड़ी है जो जा सुनावे पियारे पी को हमारी बतियाँ चूँ शम-ए-सोज़ाँ चूँ ज़र्रा हैराँ ज़े मेहर-ए-आँ-मह बगश्तम आख़िर न नींद नैनाँ न अंग चैनाँ न आप आवे न भेजे पतियाँ ब-हक़्क़-ए-आँ मह कि रोज़-ए-महशर ब-दाद मारा फ़रेब ख़ुसरो सपीत मन के दुराय राखूँ जो जाए पाऊँ पिया की खतियाँ शायर: अमीर ख़ुसरो